भारतीय अर्थ व्यव्श्था पर बबाल मचा हुया हे मंत्री और अफसरों के बीच बाक युद्ध चल रहा हे
रिज़र्व बैंक के गवर्नर राजन ने खुले आम कह दिया की भारतीय अर्थ व्यव्श्था अन्धो में काना राजा जैसी हे ,इसमें गलत क्या बोल दिया जो जेटली और बाकि मंत्रियो को बुरी लग रही हे
अरे भाई राजन पढ़ लिख कर इस पद पर पहुंचा हे ना की आप लोगो की तरह हार कर भी मंत्री पद पर बैठे हो
आप मंत्रियो को तो बस मंत्री पद सही रहना चाहए ना और किसी बात से मतलब
और जब से केंद्र की मोदी सरकार आई हे तो कोई धनि ढोरी ही नहीं हे ,जिसके जो मन में आता हे बक देता हे देश हित और समाज के लिए क्या किया ,सिर्फ मजे लेने के अलावा सत्ता सुख
राजन की निर्भीकता देखो की खुले आम बयान दे रहे हे जबकि उनको पता हे की केंद्र की सरकार उनको उनके पद से हटा सकती हे इसे कहते हे की पढ़ा लिखा अफसर और हारा हुया राजनीतक में क्या अंतर होता हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
रिज़र्व बैंक के गवर्नर राजन ने खुले आम कह दिया की भारतीय अर्थ व्यव्श्था अन्धो में काना राजा जैसी हे ,इसमें गलत क्या बोल दिया जो जेटली और बाकि मंत्रियो को बुरी लग रही हे
अरे भाई राजन पढ़ लिख कर इस पद पर पहुंचा हे ना की आप लोगो की तरह हार कर भी मंत्री पद पर बैठे हो
आप मंत्रियो को तो बस मंत्री पद सही रहना चाहए ना और किसी बात से मतलब
और जब से केंद्र की मोदी सरकार आई हे तो कोई धनि ढोरी ही नहीं हे ,जिसके जो मन में आता हे बक देता हे देश हित और समाज के लिए क्या किया ,सिर्फ मजे लेने के अलावा सत्ता सुख
राजन की निर्भीकता देखो की खुले आम बयान दे रहे हे जबकि उनको पता हे की केंद्र की सरकार उनको उनके पद से हटा सकती हे इसे कहते हे की पढ़ा लिखा अफसर और हारा हुया राजनीतक में क्या अंतर होता हे
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
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