आप हर तरफ शराब बंदी यानि बंद करने की सोच रहे हो ,
बही शराब पीने वालो की कोई कमी नहीं हो रही हे बल्कि
दिन दूनी रात चोगुनी बढ़ रही हे
ठेके बंद हो जाए तो किया ठिए तो मालुम हे ना हां दाम ज्यादा
लेकिन पीने वालो को उधार देने वालो की भी कमी नहीं
चाहे जितने लो
बही शराब पीने वालो की कोई कमी नहीं हो रही हे बल्कि
दिन दूनी रात चोगुनी बढ़ रही हे
ठेके बंद हो जाए तो किया ठिए तो मालुम हे ना हां दाम ज्यादा
लेकिन पीने वालो को उधार देने वालो की भी कमी नहीं
चाहे जितने लो