आज कल राजनीती में दलित कार्ड का खेल खेला जा रहा हे ताकि वोट मिलते रहे और देश की आम जनता का खून चूसते रहे ,कांग्रेस दलित सम्मेलन करके बता रही हे की ये लोग दलितों के साथ हे ,
दलितों में नब्बे परसेंट से ज्यादा लोग आज भी बड़ी मुसीबतों में हे कोई काम काज नहीं और प्रतिदिन निकालना भरी काम हे
कुछ दलित जो की सरकारी नौकरी ,या बिज़नेस या अफसर या नेता मंत्री बन गए हे उनके ठाठ हे बाकि दलितों को कोई पूछने वाला ही नहीं हे क्योकि यदि ये लोग ऊपर आ जायेंगे तो इनकी सुविधा काम हो जाएँगी ?
सरकार में बहुत सारी योजना हे दलितों के लिए लेकिन उनका धन ये दलाल और अफसर चट कर जाते हे
हां दलितों के नाम पर भाषण दे सकते हे और ऐसे लगता हे की दलितों के सबसे बड़े शुभ चिंतक इनसे बड़ा कोई नहीं हे
अब मोदी जी फरमा रहे हे की दलितों की वजह से प्रधान मंत्री बने हे ,कभी कहते हे की चाय बेचने से बने हे कुछ समझने में नहीं आता की ये नेता देश को क्यों बर्बादी की तरफ ले जा रहे हे कुछ तो शर्म करो?
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
दलितों में नब्बे परसेंट से ज्यादा लोग आज भी बड़ी मुसीबतों में हे कोई काम काज नहीं और प्रतिदिन निकालना भरी काम हे
कुछ दलित जो की सरकारी नौकरी ,या बिज़नेस या अफसर या नेता मंत्री बन गए हे उनके ठाठ हे बाकि दलितों को कोई पूछने वाला ही नहीं हे क्योकि यदि ये लोग ऊपर आ जायेंगे तो इनकी सुविधा काम हो जाएँगी ?
सरकार में बहुत सारी योजना हे दलितों के लिए लेकिन उनका धन ये दलाल और अफसर चट कर जाते हे
हां दलितों के नाम पर भाषण दे सकते हे और ऐसे लगता हे की दलितों के सबसे बड़े शुभ चिंतक इनसे बड़ा कोई नहीं हे
अब मोदी जी फरमा रहे हे की दलितों की वजह से प्रधान मंत्री बने हे ,कभी कहते हे की चाय बेचने से बने हे कुछ समझने में नहीं आता की ये नेता देश को क्यों बर्बादी की तरफ ले जा रहे हे कुछ तो शर्म करो?
राम नरेश गुप्ता विवेक विहार सोडाला जयपुर
No comments:
Post a Comment